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What Is Value Education : Types and Importance In life

Meaning and Purpose of Value Education : Types and importance in life 

नैतिक शिक्षा क्या है : उसके प्रकार और जीवन में उसका महत्व 


आज हमें Value Education के साथ ही Value of Education पर शिक्षा विभाग या shiksha abroad के शिक्षामित्रों द्वारा चलाये जा रहे sarva shiksha abhiyan (samagra shiksha abhiyan) में बताये Importance of Education के बारे में जानना है. ठीक उसी प्रकार Important of Education को समझकर अपने जीवन में उतारना चाहिए. जिससे हमें Values of Education को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी.

इस पोस्ट के माध्यम से Value Education याने नैतिक शिक्षा और शिक्षा का मूल्य या शिक्षा का महत्व के बारे में जानेंगे. किस प्रकार Importance of Values को जीवन में उतारे बिना और Moral Education का हमारे जीवन में क्या महत्व है. इसी प्रक्रिया के माध्यम से हमारे नैतिक मुल्यो का प्रसार होता है.

शिक्षा का महत्व अर्थात Value of Education पहचानने वाले विद्यार्थियों को उनके जीवन में सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता है. उसके विपरीत जो व्यक्ति शिक्षा का महत्व नहीं समझ पता है. उसे जीवन में निराशा हाथ लगाती है.

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आज के पोस्ट में हम जाने लेते है की, नैतिक शिक्षा एक विद्यार्थी जीवन में किस प्रकार शिक्षा के महत्व को दर्शाती है और के विद्यार्थी के जीवन में नैतिक शिक्षा का क्या महत्व है :-

Table of Contents Covered In This Post by Indian Gappa


  • Types Of Values (Basic human value) -- आधारभूत मानवीय मूल्य
  • Value Education : Purpose and Role
  • Value Education : Teaching methods
  • Types of value education
  • What is values based education
  • Importance of values based education in Life : Moral Education


Types Of Values (Basic human value) 

आधारभूत मानवीय मूल्य

इन आधारभूत मानवीय मूल्यों को कुल पांच भागो में बांटा गया है.

     1. सत्य (सत्यता)  
     2. प्रेम और सेवा 
     3. शांति 
     4. अहिंसा 
     5. न्याय

सत्य (सत्यता) 


सत्य Types Of Values में सबसे सर्वश्रेष्ट स्थान रखता है. अगर सत्यता का पालन मानवीय मूल्यों में न किया जाये तो फिर चाहे कुछ भी कर ले उन सभीका कोई अर्थ नहीं रह जाता है. सत्य ही सभी मानवीय मूल्यों की रक्षा करता है.

सत्य के मार्ग पर चलकर ही कोई भी अपने जीवन में आगे बढ़ सकता है. किसी भी विद्यार्थी के लिए ये जरुरी है, की वो अपने सत्य परायणता का पालन सदा अपने भविष्य में करे और यही उन्हें शिक्षा भी दी जाती है.

प्रेम और सेवा 


हमारे मानवीय मूल्यों का सबसे बड़ा गुण “प्रेम और सेवा” ही है. अगर मानव में इन दोनों ही गुणों का आभाव हो तो वो एक जानवर से भी बदतर हो जाता है. जानवरों में भी अपने प्रिय वास्तु या फिर प्राणी के लिए प्रेम और सेवा की भावना पाई जाती है. तो फिर हम इंसान तो उनसे लाखों गुना अधिक समझदार है.

इसी बात का ध्यान रखते हुए सभी इंसानों को मानवतावादी विचारधारा का पालन करना चाहिए और समाज के सभी प्राणियों के लिए प्रेम और सेवा की भावना रखनी चाहिए. ये हमारे मानवीय मूल्यों की नैतिकता को बनाये रखने का एक महत्वपूर्ण साधन है.

शांति 


अगर मानव अपनी शांति को खो दे तो संसार में अनर्थ हुए बगैर नहीं रह सकता है. मानवता और नैतिकता यही कहती है, की मनुष्य को सदा शांति से काम लेकर शांति को कायम रखने के लिए कार्य करना चाहिए. 

किसी भी प्रकार की अशांति तथा उसे निर्माण करने वाले कार्यो को न करे. क्योकि शांति ही सभी समाज के विकास का सबसे बड़ा साधन है. शांति को अपनाकर ही कोई भी इन्सान मानवीय मूल्यों का पालन करके अपने जीवन को सफलता की और अग्रसर कर सकता है.

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अहिंसा


Basic human value में अहिंसा को सर्वोपरि माना गया है. अहिंसा परमो धर्म की तर्ज पर समाजनिर्माण संभव हो सकता है. इसके लिए एक Student को चाहिए की वो अपने विद्यार्थी जीवन में अहिंसा का पालन करना सिख जाये ताकि उसके सम्पूर्ण जीवन में उसे अपना सके.

अहिंसा के मार्ग पर चलकर महात्मा गाँधी जी हमारे देश को आज़ादी दिलाई थी. इसी मार्ग पर चलकर ही एक विद्यार्थी के भवितव्य में उजियारा हो सकता है. 

न्याय


न्याय शब्द अपने आप में महान अर्थ को प्रस्तुत करता है. न्याय की एक विस्तृत अवधारणा है. उस बारे में हम यहाँ बात नहीं करना चाहेंगे. 

क्योकि हमारे इस ब्लॉग Indian Gappa में आपको कोई भी गलत बात बताकर आपको बरगलाया नहीं जायेगा. हम न्याय को केवल मानवीय मूल्यों के सन्दर्भ में ही समझेंगे.

विद्यार्थी जीवन में न्याय की समझ भी आवश्यक मानी जाती है. न्याय की समझ व्यक्ति को उनसे अंतर्मन से आती है. जब उसे उसके अंतर्मन से लगता है मुझे न्याय की प्राप्ति हुई है. 

न्याय मानवीय मूल्यों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है. इसके लिए न्यायपालिका की स्थापना की गयी है. 

Value Education को हम Moral Education भी कह सकते है. क्योकि ये एक एक आदर्श शिक्षा के भाव को दर्शाता है. वैल्यू एजुकेश के बारे में Google पर पूंछे जाने वाले कुछ प्रश्नों को यहाँ सम्मिलित किया गया है. जो निचे देये गए है.


Some Question Asked by peoples on Google about "Value Education"
"नैतिक शिक्षा" के बारे में गूगल पर पूंछे जाने वाले कुछ सवाल 

What is the value of education?

What is the importance of value education?

What is the importance of the need of value education?

What is the importance of value education in a student’s life?

What is the importance of value education in school?

What is the importance of value education in the present education system?


That Questions are answered by us in this article. Let's Start....
उन सभी सवालो के जवाब इस अर्टिकल में देने की कोशिश करेंगे. 

तो आइये शुरू करते है ...



What Is Value Education : Moral Values For Students  

नैतिक शिक्षा क्या है : छात्रों के लिए नैतिक मूल्य


समाज व्यक्तियों से मिलकर बनता है. जिस प्रकार व्यक्तियों का आचरण होगा उसी प्रकार से समाज का निर्माण होगा. समाज में Value Education अर्थात नैतिक शिक्षा को महत्वपूर्ण माना गया है. 

नैतिक शिक्षा एक प्रक्रिया की तरह है. जिसके द्वारा समाज के व्यक्ति अन्य व्यक्तियों में नैतिक मूल्यों का प्रचार करते है. यह शिक्षा हमें हमारे घर से ही प्रारंभिक शिक्षा के रूप में मिलनी चाहिए. 

किसी भी समाज की प्रगति में Shiksha का महत्वपूर्ण योगदान होता है. नागरिको से मिलकर समाज का निर्माण होता है. नागरिको को यदि अच्छी शिक्षा मिलेगी तो उनका योगदान समाज को प्रगतिपथ पर ले जा सकता है. 

इसकी बहोत सी मिसाले हमारे सामने जापान, चीन, इटली, ऐसे देशो दिया है, जो की भारत देश से बाद में उद्भव होने के बाद भी अपने विकास की चरमसीमा पर है. 

प्राचीन समय से भारतीय शिक्षा पद्धति ऋषियों द्वारा निर्गमित गुरुकुल पद्धति के आधार पर चलती थी. जिसका लोहा सम्पूर्ण विश्व मानता था. ये उसी Shiksha का नतीजा था जो हमारा भारतवर्ष विश्वगुरु के रूप में जाना जाता था. 

व्यक्ति का चारित्रिक निर्माण और बौधिक विकास शिक्षा प्रणाली पर ही निर्भर करता है. वर्तमान में हमें ऐसी ही शिक्षा पद्धति की आवश्यकता है. 

जिसके द्वारा सम्पूर्ण देश में नैतिकता का निर्माण किया जा सके. नैतिक शिक्षा के द्वारा ही नैतिकता उत्पन्न की जा सकती है. 

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इस Naitik Shiksha को प्राप्त करके और उसके अनुसार कार्य करके सभी की रक्षा की जा सकती है. यह भी कहा जा सकता है, की Value Education एक ऐसा गुण है जिसके अनुकरण से समाज के सम्पूर्ण अपने देश और समाज के हितों की रक्षा कर सकता है.

प्रत्येक समाज में सामाजिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलने के लिए नियम बनाये जाते है. जिनका पालन सभी के लिए अनिवार्य होता है. या नियम धर्म, जाती, संप्रदाय, शिष्टाचार आदि से जुड़े होते हो सकते है. इन सभी नियमो के पालन के भाव और उससे निर्मित शक्ति को नैतिकता कहा जाता है. 

नैतिकता का पालन करना मनुष्य की मुलभुत क्रिया है. इसके पालन के बिना मनुष्य मनुष्य नहीं रह सकता. इस प्रकार की शिक्षा को Value Education कहा जाता है.

दुनिया के विकास को वर्तमान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अतुलनीय योगदान प्राप्त हुआ है. 

हाल में न सिर्फ ज्ञान, जनसंख्या, समाज में परिवर्तन आदि हो रहे हैं, उसीप्रकार समाज का ढांचा भी उसी वेग से बदलाव की कगार पर है. ये सभी का हमारे Value Education पर प्रभाव डाल रहे  है. 

इसीलिए हमें इस बात की आवश्यकता है कि वैज्ञानिक विकास को हमारे नैतिक एवं आध्यात्मिक आधारों से नयी उर्जा की प्राप्ति हो.

Indian Gappa के द्वारा Value Education की परिभाषा, “Value Education अर्थात नैतिक शिक्षा एक ऐसी प्रक्रियागत क्रियाशील शिक्षा है जो हमारे जन्म लेते ही हमें मिलनी शुरू हो जाती है, जिसका आधान-प्रदान कही भी और किसी भी अवस्था में किया जा सकता है. जो हमें निति और अनीति की शिक्षा देती है और हमारे दैनिक आचरण को निर्धारित करती है. 


Value Education : Purpose and Role

नैतिक शिक्षा : उद्देश्य और भूमिका


नैतिक शिक्षा के उद्देश्य और भूमिका को निचे दिए गये मुद्दों के आधार पर समझा जा सकता है.

1. Character Building : चरित्र निर्माण


नैतिक शिक्षा एक कुशल चरित्र के निर्माण में सहायक होती है. जैसे ही बालक जन्म लेता है उसके ऊपर एक नैतिक जिम्मेदारी आन पड़ती है. क्योकि अब वह एक समाज का अंग बन जाता है. इस बारे में उसे उसके बचपन से ही सिखाया जाता है 

उसके आचार और विचार में अपनाये जाने वाली बातों को ही नैतिक शिक्षा के साथ जोड़कर उसे समझाया जाता है. इसी Value Education की प्रक्रिया के चलते एक सफल और नीतिवान चरित्र का निर्माण होता है.

2. Develop Good Moral Values : अच्छे नैतिक मूल्यों का विकास 


नैतिकता की शिक्षा सभी को दी जानी आवश्यक है. इसी के द्वारा हर मनुष्य में नैतिक मूल्यों का विकास संभव है. अच्छे नैतिक मूल्यों का विकास के बाद ही किसी भी व्यक्ति विशेष या समाज विशेष की उन्नति के मार्ग प्रशस्त हो सकते है.

इसीलिए Value Education को Good Moral Values के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण माना गया है. 

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3. Make Good Citizenship : अच्छी नागरिकता का निर्माण


जिस किसी भी देश को अपने देश Good Citizenship का निर्माण करना हो उसे सर्वप्रथम एक Value Education System का निर्माण करना चाहिए. इसी के माध्यम से अपने देश के विद्यार्थियों में राष्ट्रवादी गुणों का निर्माण किया जा सकता है.

इस प्रकार के नीतिगत मूल्यों को उनके कोमल मन में उतारकर उन्हें देश के प्रति जागरूक बनाया जा सकता है. अच्छी नागरिकता का निर्माण निर्माण एक अच्छी नैतिक शिक्षा की प्रणाली ही कर सकती है.

4. Develop Tolerance : सहिष्णुता का विकास 


जब भी किसी देश में असहिष्णुता का निर्माण होता है तो वो उस देश के पतन का कारण भी बनता है. इसीलिए किसी भी देश को भाईचारा बनाये रखने के लिए सहिष्णुता का वातावरण कायम रखना चाहिए.

इस Tolerance की स्थिति को कायम रखने के लिए सभी को निति और अनीति की शिक्षा देना अनिवार्य है. ये सब importance of values को समझे बिना नहीं आ सकती है. इसीलिए Value Education समय की मांग है.


Value Education : Teaching Methods

नैतिक शिक्षा : शिक्षण विधिया


कुछ मुख्य विधियों के द्वारा नैतिक शिक्षा की शिक्षण विधिया का अध्यन किया जा सकता है 

1. Classroom Learning : कक्षागत सिखने की विधि  


इस विधि को हम काफी प्रचलित मात्रा में देख सकते है. Classroom Learning वर्तमान में हमे सभी स्कूलों से लेकर महाविद्यालय की प्रमुख शिक्षा विधि है. कक्षागत सिखने की विधि सर्वोत्तम मानी जाती है. 

क्योकि इसमें विद्यार्थी सभी के साथ मिलकर सीखता है. जो एक निर्धारित स्थान पर जिसे हम कक्षा कहते है वहा उसे शिक्षा दी जाती है. इसी प्रणाली को कक्षागत शिक्षण विधि अर्थात Classroom Learning Method कहा जाता है.   

2. Practical Knowledge : व्यावहारिक ज्ञान  


Practical Knowledge की शुरवात तब होती है जब विद्यार्थी अपनी क्रियाओ से सीखता है. Practical Knowledge Method ये Classroom Learning का अगला पड़ाव है. 

जिसमे विद्यार्थी अपने सीखे हुए ज्ञान को व्यावहारिक ज्ञान में परिवर्तित करता है.इसी कारण ये Teaching Method जीवन के सभी पड़ाव में अपनी अमिट छाप छोड़ जाती है.


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3. Social Linking : सामाजिक जुड़ाव 


ये एक जगजाहिर तथ्य है, मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है. समाज के बिना मनुष्य का कोई महत्त्व नहीं है और ना मनुष्य के बिना समाज का. 

इसी कारण मनुष्य जो समाज से शिक्षा ग्रहण करता है उसे हम Social Linking Learning Method कह सकते है. हर एक विद्यार्थी अपने आस पास के माहोल से सीखता है. इसे ही सामाजिक जुड़ाव से सीखना कहा जाता है.

4. Phenomena Learning Method : घटना से सीखने की विधि 


Value Education के सबसे अधिक प्रभावशाली विधि में Phenomena Learning Method का स्थान है. इस प्रणाली में किसी घटना से प्रभावित होकर कोई व्यक्ति सीखता है तो उस स्थिति में वह व्यक्ति उस घटना से सीखने को प्रेरित होता है

किसी घटना का परिणाम उसके अच्छे और बुरे होने का प्रमाण प्रस्तुत करते है. तब जिस कार्य से ये घटना हुए है उसे करना नैतिक है या अनैतिक यह मनुष्य समझ जाता है. इसे ही घटना से सीखने की विधि कहा जाता है.


Types Of Value Education

नैतिक शिक्षा के प्रकार


कुछ मुख्य प्रकार निचे बताये जा रहे है :-

1. Education of Human Value : मानव मूल्य की शिक्षा  


नैतिक शिक्षा के पहले प्रकार में मानव मूल्य की शिक्षा आती है. जिसमे विद्यार्थी को उसके बचपने में ही मानवीय मूल्यों जिसमे सत्य (सत्यता), प्रेम और सेवा, शांति, अहिंसा, न्याय के बारे में बताया जाता है. 

ये सभी मानवीय मूल्य - Human Value किसी भी समाज या देश वरन मानव जाती के लिए अत्यावश्यक है.

2. Education of Social values : सामाजिक मूल्य की शिक्षा 


नैतिक शिक्षा के दुसरे प्रकार में सामाजिक मूल्य की शिक्षा आती है. जिसमे मनुष्य को समाज में किस प्रकार का वर्तन करना चाहिए इस बारे में Shiksha दी जाती है. 

Value Education की सफलता इसी के आधार पर मापी जा सकती है की व्यक्ति समाज में किस प्रकार का व्यव्हार करता है. आदर, दया, शील, करुणा इस प्रकार के भावों की शिक्षा इसमें दी जाती है.

3. Education of Cultural Values : सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा  


Education of Cultural Values ये नैतिक शिक्षा के तीसरे प्रकार में आती है. जिसमे Student को उसके सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती है. ताकि वह अपनी संस्कृति को आगे आनेवाली पीढ़ी को प्रेषित कर सके.

इस प्रकार की शिक्षा हमें पूर्वजो के द्वारा दी जाती है. Value Education के importance को बढाने में सांस्कृतिक मूल्यों की शिक्षा का स्थान सर्वोपरि माना गया है.

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4. Education of Religious Values : धार्मिक मूल्यों की शिक्षा  


अगर धर्म न हो तो मनुष्य जाती विनाश के कगार पर पहुच जाएगी. इसीलिए समाज में धार्मिक मूल्यों की शिक्षा का प्रचार प्रसार करना आवश्यक है. 

Education of Religious Values को नैतिक शिक्षा के चौथे प्रकार में रखा गया है. धार्मिक मूल्यों की शिक्षा के लिए धर्मगुरु, मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों, चर्चो को हमें धन्यवाद देना चाहिए. जो जीवन से जुड़े धार्मिक शिक्षा के प्रचार के लिए अग्रिम कार्य करते है.

5. Education of Ethical Values : नैतिक मूल्यों की शिक्षा 


नैतिक शिक्षा के प्रकार में Education of Ethical Values को पाचवे स्थान पर रखा गया है. जिसमे की मनुष्य अपने नैतिक मूल्यों का विकास करता है. जिसमे मनुष्य को सभी के हित के बारे में सिखाया जाता है.

सम्पूर्ण मानव समाज एक दुसरे निगडित है. अगर हमारे अनीतिपूर्ण कार्य से किसी व्यक्ति का नुकसान हो रहा है तो ये नैतिक मूल्यों हमें उस कार्य को करने से रोकते है. इस प्रकार की शिक्षा को नैतिक मूल्यों की शिक्षा कहा जाता है.

नैतिक मूल्यों की शिक्षा हमें पर्यावरण से प्रेम भी सिखाती है. Value Education का सबसे सुनहरा अध्याय इसी को मन जाता है. 

6. Education of Spiritual Values : आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा  


जीवन में संतोष, अनुशासन, मोह और माया, लालच, इर्षा, मोक्ष आदि बातों को आध्यात्मिक मूल्यों में शामिल किया जाता है. Education of Spiritual Values हमारे जीवन को धार्मिक और पारंपरिक धागे में पिरोने का जबरदस्त साधन है.

इसमें दी जाने वाली शिक्षा हमारे Value Education को सुदृढ़ बनती है. इससे संरक्षणवाद को बढ़ावा मिलकर मनुष्य को उसके उपभोक्तावादी दृष्टिकोण बदलने में सहायता मिलती है. 

What is Values Based Education System  ?

मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली क्या है ?


हमारे विचार से नैतिक शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जो मनुष्य को मानव बनाती है और उसक जीवन साकार करती है. Values Education से वर्तमान एवं भविष्य को सुदृढ़ता दी जा सकती है. इस प्रकार की शिक्षा को देने वाली प्रणाली ही मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली कहलाती है.

मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली का हेतु विद्यार्थी सही शिक्ष के साथ ही बाहरी दुनिया में आचरण के लिए प्रशिक्षित करना है. इसे एक विद्यार्थी के सम्पूर्ण नैतिक विकास प्रक्रिया के रूप में देखा जा सकता है. 

जिस प्रकार से हम जो कुछ प्रकृति से लेते है. वो हमें प्रकृति को लौटाना होता है. प्रकृति से प्रेम करना ये किसी पुस्तक के द्वारा हमें नहीं सिखाया जा सकता है. ये हमारे मूल्य ही हमें सिखा सकते है.

आधुनिक युग में हमें इस Values Based Education System की आवश्यकता है. जिसके सफल उपयोग से हम अपनी आने वाली पीढ़ी को नैतिकता का पाठ पढ़ा सकते है. साथ ही साथ हमारी संस्कृति की रक्षा कर सकते है. 

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वर्तमान भारत की शिक्षा प्रणाली एक मारक शिक्षा प्रणाली बनकर उभरी है. जिसमे बच्चो को केवल रटारटाया ज्ञान परोसा जा रहा है. उनमे मूल्यों का निर्माण करना काफी कठिन होता जा रहा है.

इसका मुख्य कारण हमारे सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक मूल्यों का ह्रास है. जिसके चलते बच्चो को मिलने वाली नैतिक शिक्षा का आभाव पाया जा रहा है. उन्हें टेलीविजन के माध्यम से जो परोसा जा रहा है. वाही उनके द्वारा ग्रहण किया जा रहा है.

इसी चिंता से मुक्ति पाने के लिए एक Values Based Education System की आवश्यकता हमे देश में महसूस की जा रही है. Swami Ramdev Ji के स्वर निर्मित पतञ्जलि गुरुकुलम् - एक कदम संस्कृति की ओर ( Patanjali Gurukulam ) ये Values Based Education System का एक सर्वोपरि उदहरण है. 

हमारी दृष्टी में पतञ्जलि गुरुकुलम् एक Moral Education का केंद्र है. जो देश के विद्यार्थियों के सर्वांगीं विकास के लिए कार्य करता है.

इंडियन गप्पा के द्वारा Values Based Education System की परिभाषा, “एक शिक्षा प्रणाली जो की हमारे सर्वांगीं विकास को निर्माण करने के लिए कार्य करती है उसे ही हम Values Based Education System अर्थात मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली कहते है.” 



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Importance of Values Based Education In Life : Moral Education

जीवन में मूल्यों पर आधारित शिक्षा का महत्व : आदर्श शिक्षा


वर्तमान में हर अभिभावक अपने बच्चों उच्चकोटि की शिक्षा देने की भावना रखते है. जो सिर्फ किताबो तक ही सिमित न रहे वे अपने बच्चों का सम्पूर्ण विकास करना चाहते है.

ऐसे Values Education की वर्तमान जीवन में आवश्यकता है. जो की विद्यार्थियों के सर्वांगीं विकास का मार्ग खोल सके. विद्यार्थी का केवल अभ्यासू होने के साथ साथ अन्य गतिविधियों और मूल्य शिक्षा में उसकी रूचि होना जरुरी है.

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आज के समय में मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली का अपना अलग महत्व समझकर हमें इसे प्रभावी बनाने पर जोर देना होगा. क्योकि वर्तमान समाज में नैतिकता पर भारी संकट आन पड़ा है. मूल्यों पर आधारित शिक्षा ही इसका एकमात्र समाधान है.

इसके माध्यम से हम अपने देश के विद्यार्थियों में जो की हमारे भावी नागरिक है उनमे उत्कृष्ट चरित्र का निर्माण कर सकते है.

शिक्षा के बारे में Nelson Mandela के विचार महत्वपूर्ण है. जिसमे उन्होंने कहा है की, “Education is the most powerful weapon which you can use to change the world. 

इस प्रकार Values Based Education हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. जो हमारे बचपन से शुरू होकर हमारे जीवन के समाप्ति तक हमसे सलग्न रहता है. जब हम नैतिक शिक्षा को ग्रहण कर लेते है तब ही हमें पता चलता है की, naitik shiksha ka kya mahatva hai.


Conclusion :
निष्कर्ष :

हमारे ब्लॉग Indian Gappa के माध्यम से Value Education के Definition, Purpose and Role , Teaching methods, types, need, importance  को हमने जाना. नैतिक शिक्षा क्या है, उसका लाभ हमारे सम्पूर्ण जीवन में किस प्रकार हो सकता है. वैसे ही Moral Education की वर्तमान में आवश्यकता क्या है. किस प्रकार से Value of Education को निर्माण करने में सहायक है. इन सभी बातों का अध्यन अपने इस पोस्ट के माध्यम से किया है. जिसके निष्कर्ष में यही कहा जा सकता है की, “Value Education is added  values in our life” धन्यवाद ......



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